Legacy Lyrics Chen-k x Mudassar Qureshi

Legacy Lyrics Chen-k x Mudassar Qureshi

Title : Legacy
Artists : Chen-k & Mudassar Qureshi
Composer: Mudassar Qureshi
Lyricist: Mudassar Qureshi, Chen-k

मैं वो इंसान नी जेडा हार तो डरे
मैं तो ओ आं जो मर के ना मरे
जिन्दा रेडी मेरी Legacy Legacy
सत पुस्ता च वजनी Melody Melody

मैं वो इंसान नी जेडा हार तो डरे
मैं तो ओ आं जो मर के ना मरे
जिन्दा रेडी मेरी Legacy Legacy
सत पुस्ता च वजनी Melody Melody

छोटे हुँदै आ तो कितियाँ मैं गलतियाँ
सिखियाँ बहोत अखां अथरो तक भिज गियाँ
चावा जुड़ना मैं नोट पर जुड़दे नि
खडकाते सारे भुहे पता नहीं क्यों ख़ुल्दे नहीं
कहंदे ने रब इम्तेहान लेंदा सारेयाँ दा
जे करा गलती ते आन पेंदा सारेयां दा
सिखावे ज़िन्दगी असल च मैं ना पढ़ा लिखा
कामयाबी वाल ते ही मैं शुरू दा कल्ला खड़ा
ज़िन्दगी वी किद्दी बेवफा हुन्दी किसी दी नहीं
लब्बा सकूं पर शायद ओह मेरे हिस्से विच नि
बदले मैं किन्ने मुल्क बस ज़लालत मिल्ली
मिल्ले किन्ने लोक लोकका तों कहावत मिल्ली
छोटी छोटी शेहवा विच लब्बा मैं खुशियाँ
पर खुद दा की करा मैं ते खुद दा ही दुखी आ
जद लग्गे मेनू सही राह ते पे गया में
इक गलती ते फिर वापस टेह गया मैं
जिंद रोवे माँ दिल फट भार आवे
माँ दा ख्वाब एक अपना भी घर होवे
ज़िन्दगी कराये ते तनखा कदो आयेगी
प्यो मेहनता ते आस उन्ने लायी सी
मैं करू ख्वाब पुरे माँ तू यकीन रख
ना मन्नू हार ना पिछा हटू उम्मीद रख
माडा चंग्गा वक़्त नि रेंदा हमेशा लई
जित्थे इन्ना सेह गये उत्थे थोडा होर से

मैं वो इंसान नी जेडा हार तो डरे
मैं तो ओ आं जो मर के ना मरे
जिन्दा रेडी मेरी Legacy Legacy
सत पुस्ता च वजनी Melody Melody

मैं वो इंसान नी जेडा हार तो डरे
मैं तो ओ आं जो मर के ना मरे
जिन्दा रेडी मेरी Legacy Legacy
सत पुस्ता च वजनी Melody Melody

बचपन से गिर गिर के उठा में हासन जान सा
घर कितने बदले ये मैं खुद भी नहीं जानता
इस घर कभी उस घर वज़न फारीक समान का वसीला मिला बिस्तर पलंग मालिक मकान का
18 के बाद बाप से बंद मांगना परेशान था पर सब का डट के किया सामना
बदन खून गरम जैसे जिहादी जवान का
सड़क पे आ गया तो बना दुंगा बिस्तर मैंदान का
मशूरी माशूका की तरह देती धोका
कभी इधर कभी उधर जैसे दिल मेरा
कर गयी रुखा पैसो से में रूठा ये पैसा इंसानों सा
आ के दफा हो जाए
मतलब अपना करके पूरा
झुका अल्लाह के आगे
तभी में झुका नहीं बन्दों के आगे
बत्मीज़ है जो 30 साल बाद मिला जा कर अपनी सगी माँ से

तब सिखा जिन मुल्क में बंद आसमानी किताबे वो मुल्क लाश बिनारू जिसको लाज़मी कीड़े खाते
वो कीड़े खा गए थे ज़मीर को पूरी तरह से
नशो में जुल्फों से रोज़ खेल रहा था मैं
दिल निचोड़ा सेलाब खारा भरा कफारा मैं
आज अपने मुल्क का गहरा Rap सितारा मैं
पर मशूरी हालाक करे ज़मीर बन्दे की
ये बके वफ़ा करे की परवाह क़सम लेले
मैं आशिक वफादारी का खेलुगा इसके जिस्म से
पी के आ-ए-हयात कबर के अंधेरे मैं

मैं वो इंसान नी जेडा हार तो डरे
मैं तो ओ आं जो मर के ना मरे
जिन्दा रेडी मेरी Legacy Legacy
सत पुस्ता च वजनी Melody Melody

मैं वो इंसान नी जेडा हार तो डरे
मैं तो ओ आं जो मर के ना मरे
जिन्दा रेडी मेरी Legacy Legacy
सत पुस्ता च वजनी Melody Melody

 

See Also Mast Nazron Se Lyrics

Leave a Comment

close